इलेक्ट्रॉनिक प्राइस टैग क्या होता है?

खुदरा उद्योग में इलेक्ट्रॉनिक मूल्य टैग का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह पारंपरिक कागजी मूल्य टैग का पूर्णतया विकल्प है। इसका स्वरूप अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी है तथा संचालन क्षमता भी अधिक है।

पहले, जब कीमत में बदलाव करना होता था, तो कीमत को मैन्युअल रूप से समायोजित करके, प्रिंट करके, एक-एक करके सामान की शेल्फ पर चिपकाना पड़ता था। लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक प्राइस टैग में केवल सॉफ्टवेयर में जानकारी को संशोधित करना होता है और फिर 'भेजें' बटन पर क्लिक करके कीमत में बदलाव की जानकारी प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक प्राइस टैग पर भेज दी जाती है।

प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक मूल्य टैग में एक बार ही निवेश किया जाता है। हालांकि इसकी लागत पारंपरिक कागज़ के मूल्य टैग से अधिक होगी, लेकिन इसे बार-बार बदलने की आवश्यकता नहीं होती है। एक इलेक्ट्रॉनिक मूल्य टैग का उपयोग 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक किया जा सकता है, और रखरखाव लागत कम होती है।

त्योहारों के दौरान, अक्सर कई सामानों पर छूट दी जाती है। ऐसे में, साधारण कागज़ के प्राइस टैग को बार-बार बदलना पड़ता है, जो काफी झंझट भरा होता है। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक प्राइस टैग में, केवल एक क्लिक में जानकारी बदलकर कीमत बदल दी जाती है। यह तेज़, सटीक, लचीला और ज़्यादा कारगर है। अगर आपके स्टोर में ऑनलाइन सुपरमार्केट है, तो इलेक्ट्रॉनिक प्राइस टैग ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों को सिंक्रनाइज़ रख सकता है।

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पोस्ट करने का समय: 12 मई 2022